Border 2: ‘घर कब आओगे’ ने फिर जगा दी देशभक्ति, गणतंत्र दिवस से पहले सिनेमाघरों में गूंजेगा जज्बा

Published on:

Follow Us

जब भी देशभक्ति फिल्मों की बात होती है, तो दिल अपने आप भारी हो जाता है। यादें, त्याग और सम्मान सब एक साथ सामने आ जाते हैं। ऐसी ही भावनाओं को फिर से जगाने आ रही है Border 2। यह फिल्म न सिर्फ एक कहानी है, बल्कि उन जज़्बातों की आवाज़ है जो हर सैनिक और उसके परिवार के दिल में रोज़ चलती है। करीब 28 साल बाद, ‘बॉर्डर’ की विरासत को आगे बढ़ाती यह फिल्म एक बार फिर बड़े पर्दे पर देश के लिए कुछ कर गुजरने का एहसास कराएगी।

इस बार भी दर्शकों को दमदार अभिनय और भावनात्मक संगीत का संगम देखने को मिलेगा। Border 2 में Sunny Deol अपने पुराने, जोशीले अंदाज़ में लौट रहे हैं। उनके साथ Varun Dhawan, Ahan Shetty और Diljit Dosanjh भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म 23 जनवरी को रिलीज़ होगी, जो गणतंत्र दिवस से ठीक पहले देशभक्ति का माहौल बना देगी।

‘घर कब आओगे’ गीत: सैनिकों की चुप भावनाओं की सच्ची आवाज़

फिल्म के रिलीज़ से पहले ही ‘घर कब आओगे’ के नए वर्जन ने लोगों के दिलों को छू लिया है। यह गीत सुनते ही समझ आ जाता है कि यह सिर्फ संगीत नहीं, बल्कि एक एहसास है। जब कोई जवान सीमा पर होता है, तो घर में हर दिन उम्मीद और चिंता साथ-साथ चलती है। यही सच्चाई इस गीत में बहुत सरल शब्दों में दिखाई देती है।

28 साल पहले यही गीत ‘बॉर्डर’ का सबसे भावुक हिस्सा बना था। अब नए वर्जन में वही दर्द, वही इंतज़ार और वही दुआ फिर से ज़िंदा हो गई है। गीत का असर ऐसा है कि सुनते ही आंखें नम हो जाती हैं। यह गाना सैनिकों के परिवारों की उस खामोश ताकत को दिखाता है, जो हर मुश्किल घड़ी में अपने जज़्बात दबाकर देश के साथ खड़ी रहती है।

यह भी एक सच्चाई है कि देशभक्ति फिल्में समय के साथ पुरानी नहीं होतीं। वे हर पीढ़ी को वही संदेश नए तरीके से देती हैं। Border 2 का यह गीत उसी परंपरा को आगे बढ़ाता है और आज के युवाओं को भी सैनिकों की भावनाओं से जोड़ता है।

बीएसएफ जवानों संग गीत लॉन्च: सम्मान और अपनापन एक साथ

Border 2
Border 2

गीत लॉन्च के दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में फिल्म की पूरी टीम बीएसएफ जवानों के साथ नजर आ रही है। कलाकार और जवान एक साथ ‘घर कब आओगे’ पर झूमते दिखते हैं। यह पल बहुत कुछ कह जाता है।

बीएसएफ जवानों के चेहरे की मुस्कान और कलाकारों का सादा व्यवहार बताता है कि सम्मान सिर्फ शब्दों में नहीं, व्यवहार में भी होता है। यह कोई फिल्मी सीन नहीं, बल्कि एक सच्चा जुड़ाव है। मनोरंजन की दुनिया और देश की रक्षा करने वाले जवानों के बीच का यह रिश्ता लोगों को भावुक कर देता है।

ऐसे पल यह याद दिलाते हैं कि फिल्मों का असर सिर्फ पर्दे तक सीमित नहीं होता। जब कलाकार सैनिकों के बीच जाते हैं, तो यह संदेश जाता है कि देश उनका आभारी है। Border 2 ऐसे ही पलों के जरिए देशभक्ति को सिर्फ दिखाती नहीं, बल्कि महसूस भी कराती है।

सैनिकों और उनके परिवारों को सलाम: Border 2 का मजबूत संदेश

‘घर कब आओगे’ गीत और उससे जुड़ी तस्वीरें साफ बताती हैं कि Border 2 सिर्फ एक एक्शन फिल्म नहीं है। यह उन परिवारों की कहानी है, जो हर त्योहार, हर खुशी में अपने प्रियजनों को याद करते हैं। जवान सीमा पर खड़ा होता है, लेकिन उसका दिल घर में रहता है।

फिल्म का संदेश साफ और मजबूत है। देश की सुरक्षा के पीछे अनगिनत कुर्बानियां छिपी होती हैं। Border 2 उन कुर्बानियों को सम्मान देती है और दर्शकों को याद दिलाती है कि आज की आज़ादी कितनी मेहनत से मिली है। गणतंत्र दिवस से पहले रिलीज़ होकर यह फिल्म देशभक्ति की भावना को और गहरा करेगी।

Disclaimer:
यह लेख उपलब्ध जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। फिल्म से जुड़ी तारीखें, कलाकारों की भूमिकाएं या अन्य विवरण समय के साथ बदल सकते हैं। दर्शकों से अनुरोध है कि किसी भी अंतिम जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोत या निर्माताओं की घोषणा को प्राथमिकता दें।

इन्हे भी पढ़ें:-

Leave a Comment