Best App to Invest in US Stocks 2026: आज के समय में निवेशकों की रुचि केवल भारतीय शेयर बाजार तक सीमित नहीं रही है। अब भारत में बैठकर भी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों जैसे Apple, Google, Microsoft और Amazon में निवेश करना आसान हो गया है। डिजिटल फिनटेक प्लेटफॉर्म और आसान ऑनलाइन प्रक्रियाओं ने अमेरिकी शेयर बाजार तक पहुंच को पहले से कहीं अधिक सरल बना दिया है। यदि आप भी अपने निवेश पोर्टफोलियो को ग्लोबल बनाना चाहते हैं और अमेरिकी कंपनियों में पैसा लगाना चाहते हैं, तो सही ऐप का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। यही कारण है कि निवेश शुरू करने से पहले विभिन्न प्लेटफॉर्म, उनकी फीस, सुरक्षा और सुविधाओं को समझना जरूरी है।
Best App to Invest in US Stocks 2026
अमेरिकी शेयर बाजार में निवेश करने की लोकप्रियता भारत में तेजी से बढ़ रही है। भारतीय निवेशक अब केवल घरेलू कंपनियों तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि Apple, Google, Microsoft जैसी वैश्विक कंपनियों की ग्रोथ का फायदा भी उठाना चाहते हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत भारतीय नागरिक हर साल 2.5 लाख डॉलर तक विदेश में निवेश कर सकते हैं। इसी वजह से कई फिनटेक ऐप्स अमेरिकी बाजार में निवेश की सुविधा दे रहे हैं। हालांकि सभी प्लेटफॉर्म की फीस, सुविधाएं और निवेश प्रक्रिया अलग-अलग होती है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि कौन सा ऐप आपके निवेश लक्ष्य, बजट और अनुभव के अनुसार सबसे उपयुक्त साबित हो सकता है।
Vested: लंबी अवधि के निवेशकों की पहली पसंद
Vested उन निवेशकों के लिए बेहतरीन विकल्प माना जाता है जो लंबे समय के लिए अमेरिकी शेयरों में निवेश करना चाहते हैं। यह प्लेटफॉर्म DriveWealth के साथ साझेदारी में काम करता है और निवेशकों को तैयार पोर्टफोलियो बास्केट यानी “Vests” की सुविधा देता है। इसमें अकाउंट मेंटेनेंस और ट्रेडिंग कमीशन नहीं लिया जाता। हालांकि निवेश राशि निकालने पर 5 डॉलर से 11 डॉलर तक की फीस लग सकती है। Vested Direct फीचर के जरिए पैसे ट्रांसफर करने की लागत भी कम हो जाती है।
INDmoney: आसान शुरुआत और कम खर्च वाला विकल्प
यदि आप पहली बार अमेरिकी शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं, तो INDmoney एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह Alpaca और DriveWealth दोनों के साथ काम करता है और ऐप के भीतर ही डिजिटल बैंक अकाउंट खोलने की सुविधा देता है। इससे INR से USD में कन्वर्जन काफी आसान हो जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत कम फॉरेक्स मार्कअप फीस है, जो लगभग 0.75% से 1.2% के बीच रहती है। शुरुआती कुछ विथड्रॉल भी मुफ्त मिलते हैं, जिससे नए निवेशकों को अतिरिक्त फायदा होता है।
Groww: एक ही ऐप में भारतीय और अमेरिकी निवेश
जो निवेशक पहले से Groww का उपयोग भारतीय शेयरों और म्यूचुअल फंड के लिए कर रहे हैं, उनके लिए यह सबसे सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। Groww के जरिए अमेरिकी शेयर बाजार में निवेश करने के लिए अलग ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होती। हालांकि इसमें निवेश राशि भेजने के लिए बैंक के माध्यम से मैनुअल रेमिटेंस करना पड़ता है, जिससे फॉरेक्स मार्कअप कुछ ज्यादा हो सकता है। फिर भी एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी निवेश देखने की सुविधा इसे लोकप्रिय बनाती है।
अमेरिकी शेयरों में निवेश शुरू करने की प्रक्रिया
अमेरिकी शेयरों में निवेश शुरू करने के लिए सबसे पहले KYC पूरा करना होता है। इसके साथ W-8BEN फॉर्म भी डिजिटल रूप से भरना पड़ता है, जो यह प्रमाणित करता है कि निवेशक अमेरिकी नागरिक नहीं है। इसके बाद निवेशक अपने बैंक खाते से डॉलर ट्रांसफर कर सकता है। कई प्लेटफॉर्म इन-बिल्ट बैंकिंग सुविधाएं भी देते हैं, जिससे ट्रांसफर लागत कम हो जाती है।
Fractional Trading की सुविधा
अमेरिकी बाजार की एक बड़ी खासियत Fractional Trading है। इसका मतलब है कि आपको किसी कंपनी का पूरा शेयर खरीदने की जरूरत नहीं होती। आप केवल 1 डॉलर जैसी छोटी राशि से भी किसी बड़े स्टॉक का हिस्सा खरीद सकते हैं। इससे छोटे निवेशक भी आसानी से वैश्विक कंपनियों में निवेश कर सकते हैं।
टैक्स और TCS के नियम
विदेश में निवेश करते समय टैक्स नियमों को समझना जरूरी है। एक वित्तीय वर्ष में 7 लाख रुपये से अधिक का विदेशी रेमिटेंस करने पर 20% TCS लागू होता है। हालांकि यह अतिरिक्त टैक्स नहीं है और इसे बाद में ITR भरते समय क्लेम किया जा सकता है। अमेरिकी शेयरों से होने वाले Capital Gains पर अमेरिका में टैक्स नहीं लगता, लेकिन भारत में LTCG या STCG के अनुसार टैक्स देना पड़ता है। वहीं डिविडेंड पर अमेरिका 25% टैक्स काटता है, जिसका लाभ DTAA के तहत भारत में टैक्स क्रेडिट के रूप में लिया जा सकता है।
क्या आपका पैसा सुरक्षित रहता है?
कई निवेशकों के मन में यह सवाल रहता है कि यदि कोई भारतीय ऐप बंद हो जाए तो उनके निवेश का क्या होगा। अच्छी बात यह है कि शेयर अमेरिकी क्लियरिंग ब्रोकर्स के पास रखे जाते हैं। इसके अलावा SIPC सुरक्षा के तहत निवेशकों को 500,000 डॉलर तक का संरक्षण मिलता है, जिसमें 250,000 डॉलर तक की नकद राशि भी शामिल है। इसलिए निवेश की सुरक्षा को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं होती।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की सलाह अवश्य लें।
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