प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अगले 5 साल तक जारी, किसानों को मिलते रहेंगे ₹6,000 सालाना

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े करोड़ों किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने इस योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला लिया है, जिससे पात्र किसानों को पहले की तरह हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती रहेगी। यह फैसला खेती की लागत कम करने, किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार का मानना है कि इस योजना के जारी रहने से छोटे और सीमांत किसानों को खेती के लिए जरूरी आर्थिक सहयोग लगातार मिलता रहेगा और कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को 2030-31 तक मिली मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस अवधि के लिए सरकार ने लगभग 3.15 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान स्वीकृत किया है। इस फैसले का उद्देश्य किसानों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और खेती में निवेश को बढ़ावा देना है। योजना के विस्तार से करोड़ों भूमिधारक किसान परिवार पहले की तरह लाभ लेते रहेंगे। सरकार का मानना है कि इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

किसानों को पहले की तरह हर साल मिलेंगे ₹6,000

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को हर वर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी Direct Benefit Transfer के माध्यम से भेजी जाती है। इस पैसे का उपयोग किसान बीज खरीदने, उर्वरक लेने, सिंचाई कराने, कृषि मशीनरी के रखरखाव और अन्य कृषि कार्यों में करते हैं। समय पर मिलने वाली यह सहायता किसानों की नकदी संबंधी समस्याओं को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने से किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से ग्रामीण बाजारों में नकदी का प्रवाह बना रहेगा, जिससे छोटे व्यापारियों और कृषि से जुड़े अन्य क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह योजना केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे ग्रामीण आर्थिक तंत्र को गति देने में भी अहम भूमिका निभा रही है।

अब तक करोड़ों किसानों को मिला योजना का लाभ

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना फरवरी 2019 में शुरू हुई थी और आज यह देश की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण डीबीटी योजनाओं में शामिल है। अब तक 23 किस्तों के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है। केवल 23वीं किस्त में ही 9.49 करोड़ से ज्यादा किसानों को लगभग 18,984 करोड़ रुपये का लाभ मिला। कोविड महामारी के दौरान भी इस योजना के माध्यम से 1.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता किसानों तक पहुंचाई गई, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बनी रहीं।

योजना की पारदर्शिता बनी सबसे बड़ी ताकत

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारदर्शी व्यवस्था है। आधार आधारित प्रमाणीकरण, डिजिटल लाभार्थी सत्यापन और डीबीटी प्रणाली के कारण सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचती है। इससे किसी भी प्रकार के बिचौलिये की भूमिका समाप्त हो जाती है और फर्जी लाभार्थियों पर भी प्रभावी रोक लगी है। यही कारण है कि यह योजना देश की सबसे भरोसेमंद सरकारी योजनाओं में गिनी जाती है।

महिला किसानों को भी मिल रहा बड़ा लाभ

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ महिला किसानों तक भी बड़े स्तर पर पहुंच रहा है। योजना के लाभार्थियों में लगभग हर चौथा किसान महिला है। अब तक महिला किसानों को 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता मिल चुकी है। इससे महिलाओं की खेती में आर्थिक भागीदारी बढ़ी है और कृषि से जुड़े फैसलों में उनकी भूमिका पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

खेती में बढ़ा निवेश और कम हुई कर्ज पर निर्भरता

योजना से मिलने वाली सहायता राशि का उपयोग किसान मुख्य रूप से बीज, उर्वरक, सिंचाई, कृषि मशीनरी और अन्य खेती से जुड़े कार्यों में कर रहे हैं। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ-साथ किसानों की साहूकारों और अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता भी कम हुई है। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से खेती की तैयारी समय पर हो रही है और छोटे किसानों को खेती के लिए अलग से महंगा कर्ज लेने की जरूरत कम पड़ रही है।

नीति आयोग के सर्वे में सामने आए सकारात्मक परिणाम

नीति आयोग द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार 92 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से मिली सहायता का उपयोग कृषि कार्यों और खेती में निवेश के लिए किया। वहीं लगभग 85 प्रतिशत किसानों ने माना कि इस योजना के कारण उनकी कृषि आय में वृद्धि हुई है और अनौपचारिक ऋण पर निर्भरता पहले की तुलना में कम हुई है। यह सर्वे इस योजना की उपयोगिता और किसानों पर उसके सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को वर्ष 2030-31 तक बढ़ाने का फैसला करोड़ों किसानों के लिए राहत भरी खबर है। हर साल मिलने वाली 6,000 रुपये की सहायता किसानों को खेती में निवेश करने, उत्पादन बढ़ाने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने में मदद करेगी। सरकार की पारदर्शी डीबीटी व्यवस्था और डिजिटल सत्यापन प्रणाली के कारण यह योजना लगातार भरोसेमंद और प्रभावी साबित हो रही है। आने वाले वर्षों में भी यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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