Navratri Ghatsthapana 2026 Muhurat: जानिए कलश स्थापना का सही समय और शुभ योग

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चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है, जिसकी शुरुआत मां दुर्गा की आराधना और कलश स्थापना से होती है। साल 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हो रही है और इसी दिन घटस्थापना यानी कलश स्थापना की जाएगी। इस दिन श्रद्धालु अपने घरों और मंदिरों में मां दुर्गा की पूजा की शुरुआत करते हैं। सही मुहूर्त में घटस्थापना करना बहुत शुभ माना जाता है, इसलिए लोग पंचांग के अनुसार समय जानना चाहते हैं। आइए जानते हैं Navratri Ghatsthapana 2026 Muhurat, शुभ समय, योग और इससे जुड़ी जरूरी जानकारी।

Navratri Ghatsthapana 2026 Muhurat

साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च 2026, गुरुवार से होगी। महावीर पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 19 मार्च सुबह 6 बजकर 41 मिनट से शुरू होकर 20 मार्च 2026 सुबह 5 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को ही मानी जाएगी, इसलिए इसी दिन घटस्थापना और कलश स्थापना की जाएगी।

ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु के अनुसार 19 मार्च को घटस्थापना के लिए तीन शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। पहला शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 55 मिनट से 7 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। दूसरा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 33 मिनट से दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक है। तीसरा शुभ समय सुबह 10 बजकर 28 मिनट से दोपहर 1 बजकर 27 मिनट तक माना गया है। इन समयों में कलश स्थापना करना शुभ फल देने वाला माना जाता है।

कलश स्थापना के दिन बनने वाले अशुभ योग

19 मार्च 2026 को नवरात्रि के पहले दिन दो अशुभ योग बन रहे हैं, जिनमें खरमास और पंचक शामिल हैं। 15 मार्च से 14 अप्रैल 2026 तक खरमास रहेगा, जिसके कारण पूरा नवरात्रि पर्व इसी अवधि में मनाया जाएगा। हालांकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे मां दुर्गा की पूजा या घटस्थापना पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।

नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च 2026 तक मनाई जाएगी और इन नौ दिनों तक भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करेंगे।

कलश स्थापना के दिन पंचक का प्रभाव

पंचांग के अनुसार 16 मार्च 2026 शाम 6 बजकर 15 मिनट से पंचक शुरू होंगे और 21 मार्च 2026 सुबह 2 बजकर 28 मिनट तक रहेंगे। इस वजह से 19 मार्च को घटस्थापना के समय पंचक का प्रभाव रहेगा। हालांकि ये पंचक राज पंचक माने जा रहे हैं, जिन्हें पंचकों में शुभ माना जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार राज पंचक में किए गए कार्यों में बाधा नहीं आती, इसलिए नवरात्रि की पूजा और कलश स्थापना बिना किसी चिंता के की जा सकती है।

क्या खरमास और पंचक का घटस्थापना पर असर पड़ेगा

ज्योतिष और धर्मशास्त्र के अनुसार नवरात्रि मां शक्ति की आराधना का पवित्र पर्व है। ऐसे में खरमास और पंचक का घटस्थापना या मां दुर्गा की पूजा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। भक्त इस दिन पूरे विधि-विधान से कलश स्थापना और दुर्गा पूजा कर सकते हैं।

हालांकि खरमास के दौरान कुछ शुभ कार्य जैसे शादी, सगाई, गृह प्रवेश और नए व्यवसाय की शुरुआत नहीं की जाती। ये सभी कार्य 14 अप्रैल 2026 के बाद ही शुभ माने जाएंगे जब खरमास समाप्त होगा।

Disclaimer: यह लेख सामान्य धार्मिक मान्यताओं और उपलब्ध पंचांग जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। विभिन्न स्थानों और परंपराओं के अनुसार पूजा विधि और मुहूर्त में थोड़ा अंतर हो सकता है। किसी भी विशेष पूजा या अनुष्ठान से पहले अपने स्थानीय पुजारी या ज्योतिषाचार्य से परामर्श लेना उचित रहेगा।

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