Pitru Paksha 2025: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह समय अपने पूर्वजों को याद करने, उनके प्रति आभार जताने और उनके आशीर्वाद से जीवन में समृद्धि लाने का अवसर देता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान कुछ विशेष उपाय अपनाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार में सुख-शांति आती है। आइए जानते हैं इस पावन समय में कौन-से वास्तु टिप्स आपके लिए लाभकारी हो सकते हैं।
पूजा स्थल की दिशा और महत्व
Vastu Tips वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि घर का पूजा स्थल हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए। पितृ पक्ष के दौरान इसी स्थान पर दीपक जलाना और पूर्वजों की तस्वीर पर फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। माना जाता है कि इन दिशाओं से घर में सकारात्मक ऊर्जा और शांति का प्रवेश होता है।
आधुनिक वास्तु विशेषज्ञ भी यही मानते हैं कि सही दिशा में पूजा स्थल होने से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं। यह उपाय पितृ पक्ष 2025 में आपको आध्यात्मिक शांति और पूर्वजों का आशीर्वाद दिलाने में मदद करेगा।
घर की साफ-सफाई और अव्यवस्था हटाना
पितृ पक्ष में घर की साफ-सफाई करना बेहद ज़रूरी माना गया है। गंदगी और अव्यवस्था नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है, जबकि साफ-सुथरा घर सुख-समृद्धि का प्रतीक है। खासकर पूजा स्थल, मुख्य दरवाज़ा और पूर्व-उत्तर दिशा के कमरे को चमकदार और व्यवस्थित रखना चाहिए।
वास्तु टिप्स के अनुसार, अगर घर में लंबे समय से टूटी-फूटी या बेकार चीज़ें पड़ी हैं, तो उन्हें तुरंत निकाल दें। यह कदम न केवल मानसिक शांति देता है, बल्कि जीवन में नए अवसर भी लाता है।
पानी की सही दिशा और उपयोग

पानी को वास्तु में जीवन और शांति का प्रतीक माना जाता है। पितृ पक्ष के दौरान घर में पानी का स्रोत हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए। किसी फव्वारे या वाटर प्लांट को इन दिशाओं में लगाना शुभ माना जाता है।
इसके अलावा, पानी में थोड़ा सा नमक मिलाकर घर के मुख्य दरवाज़े या पूजा स्थल पर रखना नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने का आसान तरीका है। यह उपाय सकारात्मकता और स्वास्थ्य दोनों को बढ़ाता है।
दान और पुण्य के कार्य
हिंदू धर्म में दान को सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। पितृ पक्ष के दौरान अनाज, कपड़े या धन का दान करना पूर्वजों को प्रसन्न करने के साथ-साथ घर में खुशहाली लाता है।
वास्तु शास्त्र में भी दान का महत्व बताया गया है। किसी जरूरतमंद की मदद करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और नकारात्मक शक्तियां समाप्त होती हैं। यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।
पुराने सामान का निस्तारण और घर को हल्का करना
पितृ पक्ष में घर से पुराने, बेकार और टूटी-फूटी वस्तुओं को हटाना बेहद ज़रूरी है। यह उपाय न केवल मानसिक शांति देता है, बल्कि वास्तु के हिसाब से नकारात्मक ऊर्जा को भी खत्म करता है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि बेकार वस्तुओं को दान करने से घर में नई ऊर्जा का प्रवाह होता है। यह परंपरा आज के समय में भी घर के माहौल को सकारात्मक और शांतिपूर्ण बनाने में सहायक है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई सामग्री धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी धार्मिक या वास्तु संबंधी उपाय को अपनाने से पहले अपनी व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
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