Awarapan 2 Review: इमरान हाशमी की वापसी कैसी रही? जानें फिल्म की पूरी कहानी, खूबियां और कमियां

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Awarapan 2 Review: इमरान हाशमी की फिल्म Awarapan 2 का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। पहली फिल्म ने अपने दर्दभरे किरदार शिवम, शानदार गानों और इमोशनल कहानी की वजह से दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई थी। अब शिवम की कहानी एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौटती है, लेकिन इस बार उसके सामने सिर्फ प्यार या अपनी जिंदगी की लड़ाई नहीं है। कहानी में एक नया मिशन, एक बच्ची की जिंदगी और खतरनाक अपराध की दुनिया जुड़ जाती है। सवाल यही है कि क्या Awarapan 2 पहली फिल्म जैसा जादू दोबारा पैदा कर पाती है या फिर यह सिर्फ पुरानी यादों के सहारे चलने वाली फिल्म बनकर रह जाती है।

वहीं से आगे बढ़ती है शिवम की कहानी

Awarapan 2 की कहानी पहली फिल्म की घटनाओं के बाद आगे बढ़ती है। शिवम अभी भी आलिया की यादों से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाया है और उसकी जिंदगी में वही पुराना दर्द दिखाई देता है। लेकिन एक दिन आलिया की कब्र के पास उसे एक नवजात बच्ची मिलती है। शिवम उस बच्ची को सुरक्षित जगह पहुंचाता है और उसका नाम भी आलिया रख देता है। धीरे-धीरे दोनों के बीच एक गहरा रिश्ता बन जाता है। कहानी तब नया मोड़ लेती है, जब शिवम को पता चलता है कि बच्ची ह्यूमन ट्रैफिकिंग के खतरनाक जाल में फंस गई है।

अब शिवम की जिंदगी का एक ही मकसद रह जाता है, उसे बचाना। इसके लिए उसे बैंकॉक के अंडरवर्ल्ड और इंटरपोल से जुड़ी खतरनाक दुनिया में उतरना पड़ता है। इस बार कहानी सिर्फ अधूरे प्यार की नहीं, बल्कि इंसानियत, जिम्मेदारी, दर्द और एक मासूम जिंदगी को बचाने की बन जाती है। फिल्म पुराने शिवम की भावनाओं को बनाए रखते हुए उसके सामने एक नया मिशन रखती है।

इमरान हाशमी ने फिर दिखाया OG शिवम वाला अंदाज

Awarapan 2 की सबसे बड़ी ताकत इमरान हाशमी की स्क्रीन प्रेजेंस है। लंबे बाल, आंखों में दर्द और चेहरे पर गुस्से के साथ उनका पुराना शिवम वाला अंदाज एक बार फिर देखने को मिलता है। जो दर्शक पहली फिल्म से जुड़े रहे हैं, उनके लिए यह किरदार पुरानी यादों को वापस लाने का काम करता है। इमरान खासतौर पर इमोशनल और इंटेंस सीन्स में काफी असर छोड़ते हैं। कई जगह कहानी थोड़ी कमजोर महसूस होती है, लेकिन उनकी एक्टिंग फिल्म को संभाल लेती है।

हालांकि पहली फिल्म जैसी इमोशनल गहराई हर सीन में महसूस नहीं होती। फिर भी इमरान हाशमी ने शिवम के किरदार को सिर्फ पुरानी कॉपी बनाने की बजाय उसमें एक नई जिम्मेदारी और अलग दर्द दिखाने की कोशिश की है। यही वजह है कि फिल्म देखते समय दर्शक कई मौकों पर इस किरदार से जुड़ पाते हैं।

जोरावर का किरदार बनता है बड़ा सरप्राइज

फिल्म में जोरावर का किरदार भी काफी अहम साबित होता है। उसकी एंट्री, स्क्रीन प्रेजेंस और बैकस्टोरी कहानी को ज्यादा दिलचस्प बनाने का काम करती है। वह सिर्फ एक साधारण फिल्मी विलेन जैसा नहीं लगता, बल्कि उसके किरदार में कुछ परतें देखने को मिलती हैं। कई मौकों पर जोरावर का अंदाज और उसकी मौजूदगी इतनी मजबूत लगती है कि वह शिवम के सामने बराबर की चुनौती बन जाता है।

Awarapan 2 में हीरो और विलेन के बीच का टकराव फिल्म का अच्छा हिस्सा है। जोरावर की क्रूरता और उसके पीछे की कहानी दर्शकों को आगे की घटनाओं में दिलचस्पी बनाए रखने में मदद करती है। अगर फिल्म के कुछ कमजोर हिस्सों को छोड़ दिया जाए तो उसका किरदार कहानी में एक मजबूत एंगल जोड़ता है।

दिशा पाटनी और बाकी कलाकारों की एक्टिंग कैसी है?

दिशा पाटनी फिल्म में आकर्षक स्क्रीन प्रेजेंस के साथ नजर आती हैं, लेकिन उनके किरदार को कहानी में उतनी गहराई नहीं मिलती, जितनी मिलनी चाहिए थी। इमोशनल सीन्स में उनके एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी कुछ जगह असरदार नहीं लगते। ऐसा महसूस होता है कि फिल्म उनके किरदार की क्षमता को पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाई। अगर उनके किरदार को बेहतर तरीके से लिखा जाता, तो कहानी में और मजबूती आ सकती थी।

शबाना आजमी का स्क्रीन टाइम सीमित है, लेकिन उनकी मौजूदगी असर छोड़ती है। उनका किरदार आगे की कहानी के लिए भी कुछ संकेत देता है। वहीं पूरन गब्बी, सुविंदर विक्की और विजयंत कोहली सहित बाकी कलाकार अपने किरदारों में ठीक काम करते हैं और फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।

म्यूजिक में फिर दिखता है पुराना Awarapan वाला जादू

Awarapan नाम आते ही सबसे पहले कई दर्शकों के दिमाग में इसके गाने और दर्दभरा म्यूजिक याद आता है। Awarapan 2 भी इसी भावना को बनाए रखने की कोशिश करती है। फिल्म का म्यूजिक और BGM इमोशनल सीन्स को मजबूत बनाने का काम करते हैं। खासतौर पर जहां कहानी शिवम के दर्द और उसके अतीत की तरफ जाती है, वहां म्यूजिक का असर ज्यादा महसूस होता है।

आतिफ असलम की आवाज पुराने दर्शकों के लिए nostalgia जैसा अनुभव दे सकती है। वहीं नए दर्शकों के लिए भी गाने कहानी के मूड को समझने में मदद करते हैं। फिल्म का म्यूजिक पूरी तरह पहली फिल्म जैसा जादू पैदा करता है या नहीं, यह अलग बात है, लेकिन पुराने Awarapan वाले माहौल को वापस लाने में यह काफी हद तक सफल दिखाई देता है।

VFX और एक्शन में दिखती हैं कुछ कमियां

Awarapan 2 की सबसे बड़ी कमजोरियों में इसके कुछ VFX और एक्शन सीक्वेंस शामिल हैं। कई जगह एक्शन काफी अच्छा लगता है, लेकिन कुछ सीन जरूरत से ज्यादा बनावटी महसूस होते हैं। खासतौर पर शिवम के कुछ बच निकलने वाले और मारधाड़ से जुड़े सीन वास्तविकता से दूर लग सकते हैं। इन हिस्सों में बेहतर VFX और ज्यादा नेचुरल एक्शन फिल्म को मजबूत बना सकते थे।

फिल्म का रनटाइम भी कुछ दर्शकों को लंबा महसूस हो सकता है। करीब 140 मिनट की कहानी में अगर एडिटिंग थोड़ी और तेज रखी जाती, तो फिल्म ज्यादा क्रिस्प बन सकती थी। कुछ सीन को छोटा करने से कहानी की गति बेहतर होती और दर्शकों का ध्यान पूरी फिल्म में और मजबूती से बना रहता।

डायलॉग्स कभी असरदार तो कभी ज्यादा ड्रामैटिक

शिवम के किरदार की पहचान उसके दर्द, सोच और इंटेंस डायलॉग्स से भी जुड़ी रही है। Awarapan 2 में भी कुछ डायलॉग्स ऐसे हैं जो सीधे दिल तक पहुंचते हैं और किरदार की भावनाओं को सही तरीके से दिखाते हैं। लेकिन कई जगह फिल्म डायलॉग्स को जरूरत से ज्यादा फिलॉसिफिकल और गहरा बनाने की कोशिश करती है। जहां साधारण और नेचुरल लाइन ज्यादा असर कर सकती थी, वहां कुछ डायलॉग्स थोड़े जबरदस्ती डाले गए महसूस होते हैं।

यही कारण है कि नई Gen-Z ऑडियंस के कुछ दर्शकों को फिल्म के कुछ हिस्से ज्यादा ड्रामैटिक लग सकते हैं। हालांकि जिन दर्शकों को पुराने दौर की इंटेंस और इमोशनल फिल्में पसंद हैं, वे इन डायलॉग्स को ज्यादा पसंद कर सकते हैं।

Awarapan 2 पहली फिल्म की बराबरी कर पाती है?

यह सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला है कि क्या Awarapan 2 अपनी पहली फिल्म के स्तर तक पहुंच पाती है। इसका जवाब पूरी तरह हां नहीं है। पहली फिल्म की कहानी, इमोशनल गहराई और म्यूजिक ने दर्शकों के बीच एक अलग जगह बनाई थी। सीक्वल में वही जादू हर जगह महसूस नहीं होता। लेकिन फिल्म सिर्फ पुरानी कहानी को दोहराने की कोशिश भी नहीं करती।

इस बार शिवम के सामने एक नया मिशन है और उसकी जिंदगी का उद्देश्य भी बदल चुका है। इमरान हाशमी की दमदार मौजूदगी, म्यूजिक, जोरावर का किरदार और इमोशनल कहानी इसके मजबूत पक्ष हैं। दूसरी तरफ कुछ कमजोर VFX, जरूरत से ज्यादा ड्रामैटिक डायलॉग्स और कुछ एक्शन सीन फिल्म को कमजोर बनाते हैं।

Awarapan 2 Review: फाइनल वर्डिक्ट

कुल मिलाकर Awarapan 2 एक इमोशनल लेकिन पूरी तरह परफेक्ट नहीं बनने वाली फिल्म है। यह सिर्फ nostalgia के भरोसे नहीं चलती, बल्कि शिवम के किरदार को एक नया मिशन और नई कहानी देने की कोशिश करती है। इमरान हाशमी एक बार फिर अपने इंटेंस अंदाज से प्रभावित करते हैं और जोरावर का किरदार भी कहानी में मजबूती जोड़ता है। फिल्म का म्यूजिक पुराने दर्शकों को पहली फिल्म की याद दिलाने में सफल रहता है।

अगर आप पहली Awarapan के फैन रहे हैं, तो शिवम की वापसी आपको जरूर देखने की वजह दे सकती है। वहीं नए दर्शकों को भी एक इमोशनल, एक्शन और क्राइम से जुड़ी कहानी देखने को मिलती है। हालांकि VFX, कुछ एक्शन सीक्वेंस और डायलॉग्स में और सुधार की जरूरत महसूस होती है। क्लाइमैक्स यह भी संकेत देता है कि शिवम की कहानी शायद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

Disclaimer: यह लेख उपलब्ध जानकारी और दिए गए रिव्यू विवरण के आधार पर तैयार किया गया है। फिल्म को लेकर राय दर्शकों की पसंद के अनुसार अलग हो सकती है।

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